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दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य-Seven Wonders Of The World

दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य-Seven Wonders of the world

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दुनिया के अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य

 (Seven Wonders of the world and their Interesting facts)

1. ताज महल (Taj Mahal):

ताज -sukrajclasses.com

  • यह महल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज के लिए बनवाया था, जिनकी मृत्यु 1647 में उनके 14 वें बच्चे को जन्म देने से हुई थी| उन्हीं के नाम पर इसका नाम ताज महल रखा गया|
  • ऐसा माना जाता है कि ताजमहल को उस समय के विशेषज्ञ वास्तुकारों के मार्गदर्शन में 20,000 कारीगरों द्वारा बनाया गया था| जो भारत के इलावा तुर्की और फ़्रांस से भी थे|
  • इसे बनवाने में 15 वर्ष का समय लगा था|
  • यह दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली इमारत है|
  • इस मकबरे की खास बात यह है कि यह चारों तरफ से एक समान दिखता है। इसकी वास्तु शैली फारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मेलन है।
  • ऐसा माना जाता है कि शाहजहाँ ने सभी कारीगरों के हाथ कटा दिए थे परन्तु इतिहास में इसके कोई ठोस सुबूत प्राप्त नहीं हुए हैं|
  • ताजमहल को बनाने में 28 अलग अलग पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था| इसमें लगा संगमरमर का पत्थर चीन ,अफगानिस्तान ,राजस्थान और तिब्बत से आया था|
  • इसमें सामान लाने लेजाने के लिए 1000 हाथियों का इस्तेमाल किया गया था|
  • इसका आधार एक किस्म की लकड़ी पर बना है ,जिसे मजबूत रहने के लिए नमी की जरुरत पड़ती है, जो उसे यमुना नदी से मिलती है|
  • ताजमहल का रंग सुबह के समय गुलाबी, दोपहर के समय सफेद और शाम के समय सुनहरा दिखाई देता है।
  • ताज महल, कुतुब मीनार से पांच फीट ऊंचा है।

दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य – Seven Wonders of the world and their Interesting facts.

2.  चीन की महान दीवार (The Great Wall of China):Great wall of China-sukrajclasses.com

  • दुनिया की इस सबसे लंबी दीवार को बनाने में कई सदियां लग गई थी। द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना को पांचवी शताब्दी से लेकर 16 शताब्दी तक बनाया गया था और लाखों लोगों की मेहनत और समर्पण से इसका निर्माण पूरा हुआ था।
  • इस दीवार को चाइनीज लोगों ने मंगोल के आक्रमण से बचने के लिए बनाया था।
  • यह एक मानव निर्मित किलेनुमा दीवार है जो कि लगभग 4000 मील लंबी है। इस दीवार को बनाने के लिए केवल ईट, पत्थर और रेत से लेकर चावल के पानी का इस्तेमाल किया गया है। ‘द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना’ दुनिया के सात अजूबों में से एक है जो कई रेगिस्तानों, पठार, पहाड़ियों से होकर गुजरती है।
  • इस दीवार की चौड़ाई इतनी हैं कि एक साथ 5 घुड़सवार या 10 पैदल सैनिक एक साथ गस्त कर सकते हैं|
  • इस दीवार की ऊंचाई एक समान नही है किसी जगह यह ऊंची है तो कहीं पर नीची है|
  • तस्कर बाजार में इसकी एक ईंट की कीमत 3 पौंड मानी जाती है|
  • तथ्यों के अनुसार इसे बनाने में करीब 10 लाख लोगों ने जान गवाई थी| इसी कारण इस दीवार को दुनिया को सबसे बड़ा कब्रिस्तान भी कहा जाता है|

दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य – Seven Wonders of the world and their Interesting facts

3. पेट्रा (Petra):

पेट्रा -sukrajclasses.com

  • ऐतिहासिक शहर पेट्रा अपनी विचित्र वास्तुकला के लिए दुनिया के सात अजूबों में शामिल है जो अपनी जलवाहन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है|
  • पेट्रा एक “होर” नामक पहाड़ की ढलान पर बना हुआ है और पहाड़ों से घिरी हुई एक द्रोणी में स्थित है|
  • अपने रंग के कारण इसे – रक्मू या रोज सिटी के रूप में भी जाना जाता है|
  • इस शहर में चट्टानों को काट कर अनेक वास्तुकला का निर्माण हुआ है, जिन्हें 12 BC के लगभग बनाया गया था|
  • यहाँ के ऊँचे ऊँचे मंदिर, आकर्षण का केंद्र है| इसके साथ ही तालाब, नहरें भी हैं जिन्हें बहुत ही अच्छे तरीके से बनाया गया है|
  • इस शहर की सभ्यता विश्व की सबसे बड़ी सभ्यताओं में से एक है, जो लगभग 264 वर्ग कि.मी. के क्षेत्रफल में फैली हुई है और इसकी समुद्रतल से ऊंचाई लगभग 810 मीटर है।

  दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य – Seven Wonders of the world and their Interesting facts     

4. क्राइस्ट द रिडीमर स्टैच्यू (Christ the Redeemer Statue): क्राइस्ट द रिडीमर स्टैच्यू-sukrajclasses.com
  • क्राइस्ट द रिडीमर स्टैच्यू – जीसस की डेको-स्टाइल कला की एक प्रतिमा है|
  • यह 130-फुट की कंक्रीट-और-सोपस्टोन से बनी ऊँची प्रतिमा है|
  • इस स्टैचू को – “हेइटर दा सिल्वा कोस्टा” द्वारा डिजाइन किया गया था, जिसका निर्माण 1922 में शुरू हुआ था|
  • इसके निर्माण के लिए लगभग $250,000 डॉलर खर्च हुए थे, जिसमे से अधिकांश धन दान में मिला था|
  • इसका वजन 635 मीट्रिक टन है और यह रियो शहर के 700 मीटर ऊँची कोरकोवाडो की पहाड़ी पर स्थित है|
  • इसे करुणा की छवि भी कहा जाता है|
  • प्रतिमा में प्रभु येशु का दोनों हाथ फैलाना, उनका मानवता के प्रति प्रेम का प्रतीक है|
  • इसे सात अजूबों में से तीसरे स्थान पर रखा गया है।

 

5. इटली का कोलोसियम या कोलिसियम (The Roman Colosseum):

कोलोसियम -sukrajclasses.com

  • यह इटली देश के रोम नगर के मध्य निर्मित रोमन साम्राज्य का सबसे विशाल अण्डाकार- एंफ़ीथियेटर है ।
  • इसका निर्माण तत्कालीन शासक-वेस्पियन ने 70वीं – 42वीं ईस्वी के मध्य प्रारंभ किया और 60 वीं ईस्वी में इसको सम्राट टाइटस ने पूरा किया।
  • अण्डाकार आकार की ये विशाल इमारत- कंक्रीट व् रेत से बनाई गई थी।
  • इस स्टेडियम के लिए ऐसा कहा जाता है कि यहां, जंगली जानवरों और गुलामों के बीच खूनी लड़ाई का खेल होता था जिसे देखने के लिए लगभग 50 हजार लोग आते थे।
  • स्टेडियम की वास्तुकला इस कदर बनाई गई है, जिसकी नकल करना संभव नहीं है और यही कारण है कि यह सात अजूबों में से चौथे स्थान पर है।
  • कोलोसियम में 80 से भी ज्यादा प्रवेश द्वार हैं और यह दुनिया के सबसे प्रसिद्ध रोमन पर्यटक आकर्षणों में से एक है।
  • यहां पर खेलों में, सिर्फ मनोरंजन के लिए 5 लाख लोगों और 1 लाख जानवरों की जान गई है।
  • कोलोसियम की इमारत के अंदर दो-स्तरीय भूमिगत सुरंग बनी हुई है, जिसमें जानवरों को रखने के लिए पिंजरे इत्यादि शामिल हैं| इसमें प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ग्लेडियेटर्स और जानवरों को रखा जाता था।
  • यह रोमन स्थापत्य और इंजीनियरिंग का सर्वोत्कृष्ट नमूना माना जाता है|

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6. माचू-पिच्चू (Machu Picchu): माचू-पिच्चू-sukrajclasses.com

  • दक्षिण-अमेरिकी देश – पेरू में, माचू पिच्चू नाम का एक शहर है, जो समुद्र तल से 2430 मीटर उपर स्थित है ।
  • एंडीज पर्वतों के बीच बसा यह शहर इंका सभ्यता का प्रतीक है, जिसे 15वीं शताब्दी में बसाया गया था।
  • पुरातत्वविदों का मानना है कि माचू पिच्चु का निर्माण राजा –  ‘पचाकुती’ ने 1400 ई०  के आस पास करवाया था| उस समय वहां इंका जाति रहती थी|
  • इनके 100 सालों बाद, इस पर स्पेन ने विजय प्राप्त की और इसे ऐसे ही छोड़ कर चले गए|
  • 1911 में अमेरिका के इतिहासकार – हीरम बिंघम ने इसकी खोज की और इसे दुनिया के सामने लाये|
  • 1983 में यूनेस्को (UNESCO) इसे विश्व की धरोहर घोषित किया|
  • यहाँ इंका सभ्यता की कलाकृति को आज भी देखा जा सकता है| यहाँ अभी भी बहुत सी ऐसी चीजें मौजूद हैं, जो उनके द्वारा बनाई गई थी|
  • माचू पिचू – स्नानघरों, मंदिरों और अभयारण्यों सहित, 150 से अधिक इमारतों से मिलकर बना है।
  • यहाँ संरचनाओं को ,अश्लेर (पत्थरों को मोर्टार के बिना एक साथ फिट करने के लिए काटने की तकनीक) नामक तकनीक से बनाया गया है|
  • इन संरचनाओ के पत्थरों को चाकू या ब्लेड से भी नहीं काटा जा सकता है।
  • माचू पिचू का निर्माण करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ग्रेनाइट चट्टानें 55 टन से अधिक वजन वाली थीं।

दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य – Seven Wonders of the world and their Interesting facts

7.    चिचेन इत्ज़ा (Chichen Itza): चिचेन इत्ज़ा-sukrajclasses.com

  • चिचेन इत्ज़ा मेक्सिको में बसा बहुत पुराना मयान- सभ्यता (maya) का मंदिर है|
  • इसे इसका निर्माण AD 600 में हुआ था|
  • यह मैक्सिको में युकान्तन स्टेट में स्थित है|
  • शहर के खंडहरों में मायानं सभ्यता के धार्मिक मंदिर हैं और चिचेन इत्ज़ा में स्थित मायान मंदिर 5 किलोमीटर में फैला हुआ है जो कि सबसे बड़े मयान मंदिरों में से एक है|
  • उस समय के कुशल कारीगरों की मेहनत को यह इमारत अपने आप में संजोयी हुए है| शहर के बीचोबीच कुकुलकन का मंदिर है जो 79 फीट की ऊंचाई तक बना है|
  • इसकी चारों दिशाओं में कुल = 364 (91 x 4) सीढ़ियां हैं| प्रत्येक सीढ़ी साल के एक दिन का प्रतीक है और 365 वां दिन ऊपर बना चबूतरा है|
  • इसके अलावा इस जगह पर पिरामिड ऑफ़ कुकुल्कन, चक मूल का मंदिर, हज़ार स्तंभों के हॉल एवं कैदियों के खेल का मैदान है|
  • कुकुलन का मंदिर ऐसे डिजाइन किया गया था कि हर साल, वसंत और शरद ऋतु के दौरान सूर्य, पिरामिड पर एक सर्प की छाया बनाता है (जो उनके अनुसार पौराणिक सर्प देवता, कुकुलन की है)। सूर्य के अस्त होते ही, सांप के शरीर से मिलती – जुलती यह सर्प-छाया, धीरे-धीरे सीढ़ियों के नीचे नीचे उतर जाती है।
  • आप चिचेन-इत्ज़ा के खोए शहर में अजीबोगरीब आवाजें सुन सकते हैं। यदि आप एल कैस्टिलो की सीढ़ियों के आधार पर अपने हाथों से ताली बजाते हैं, तो आप एक प्रतिध्वनि सुन सकते हैं जो किसी भी चीज़ से काफी विपरीत है। यह प्रतिध्वनि मैक्सिकन क्वेटज़ल से मिलती-जुलती है, जो एक ऐसा पक्षी था जिसे मयान संस्कृति में पवित्र माना जाता था।
  • चिचेन-इत्ज़ा, मेसोअमेरिका में सबसे बड़ी बॉल-कोर्ट है, जो 70 मीटर चौड़ा और 169 मीटर लंबा है।
  • विभिन्न शोध टीमों ने, पवित्र सेनेट के तल पर- जानवरों और लोगों की हड्डियों के साथ औपचारिक वस्तुएं पाई हैं, जिनकी आयु 3 से 55 वर्ष तक रही होगी।

दुनिया के सात अजूबे और उनके रोमांचक तथ्य – Seven Wonders of the world and their Interesting facts

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