
कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण
Reasoning topic – “कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण”, is important for all competitive exams i.e. CET (Common eligibility Test), SSC Exams, RRB NTPC, Banking, UPSC and other state civil services exams. In these exams, almost 2-3 questions are coming from Calendar Reasoning. Let’s start the topic:
कैलेंडर (Calendar): किसी वर्ष में सन्निहित माह, सप्ताह, तिथि और दिनों को निरूपित करने वाली तालिका को कैलेंडर कहा जाता है।
- कैलेण्डर दिन, सप्ताह, महीना एवं वर्ष के बीच पारस्परिक सम्बन्धों को प्रदर्शित करने का एक साधन हैं।
- कैलेंडर में निम्नलिखित पाँच अवयव होते हैं:-
- दिन (Day)
- सप्ताह (Week)
- महीना (Month)
- वर्ष (Year)
- तिथि (Date)
- दिन: किसी सप्ताह के सातवें भाग को एक दिन कहते हैं।
- इन्हें अलग-अलग सात ग्रहों के नामों के द्वारा निरूपित किया जाता है:सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार।
- सप्ताह: किसी माह के चौथे या वर्ष के 48 वें भाग को सप्ताह कहते हैं।
- एक सप्ताह में कुल सात दिन होते हैं, जिनमें पहला दिन रविवार एवं अंतिम दिन शनिवार होता हैं।
- महीना: वर्ष के बारहवें भाग को माह कहते हैं।
- एक वर्ष के अंतर्गत – जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर, नवम्बर एवं दिसम्बर कुल 12 माह होते हैं।
- इनमें से 7- माह (जनवरी, मार्च, मई, जुलाई, अगस्त, अक्टूबर एवं दिसम्बर) में 31 दिन, 4-माह (अप्रैल, जून, सितम्बर एवं नवम्बर) में 30 दिन और शेष 1-माह (फरवरी) में 28 या 29 दिनों में बाँटा गया है।
- सामान्य वर्ष में फरवरी में 28 दिन और लीप वर्ष में इसे 29 दिन होते हैं।
- वर्ष: शताब्दी के सौवें भाग को या 12 माह की संयुक्त अवधि को वर्ष कहते हैं।
- वर्ष दो प्रकार के होते हैं:- सामान्य वर्ष और 2. लीप वर्ष
- सामान्य वर्ष: ऐसे वर्ष जो 4 से पूर्णतः विभाजित नहीं होते या ऐसे शताब्दी वर्ष जो 400 से पूर्णतः विभाजित नहीं होते, सामान्य वर्ष कहलाते हैं।
- किसी भी सामान्य वर्ष में कुल 365 दिन होते हैं अर्थात् 52 सप्ताह + 1 अतिरिक्त दिन।
- उदाहरण: 1987, 1989, 1990, 1991 एवं 1800. यहाँ 1800 एक शताब्दी वर्ष हैं।
- सामान्य वर्ष में वर्ष का पहला एवं अंतिम दोनों ही दिन समान होते हैं। उदाहरण के लिए:यदि 1 जनवरी को सोमवार हैं तो 31 दिसम्बर को भी सोमवार होगा।
- लीप वर्ष (Leap Year): ऐसे वर्ष जो 4 से पूर्णतः विभाजित हो जाते हैं या ऐसे शताब्दी वर्ष जो 400 से पूर्णतः विभाजित हो जाते हैं, लीप वर्ष कहलाते हैं।
- उदाहरण:1984, 1988, 1992, 1996 एवं 2000. यहाँ 2000 एक शताब्दी वर्ष हैं।
- किसी भी लीप वर्ष में कुल 366 दिन होते हैं अर्थात् 52 सप्ताह + 2 अतिरिक्त दिन।
- लीप वर्ष में वर्ष का पहला दिन एवं अंतिम दिन दोनों ही असमान होते हैं तथा पहले दिन की तुलना में अंतिम दिन, एक दिन बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए:- 1 जनवरी को सोमवार हैं तब 31 दिसम्बर को मंगलवार होगा।
- तिथि: किसी वर्ष के किसी माह को 1 से 28/29/30/31 तक के अंकों द्वारा निरूपित अवधि को तिथि कहते हैं। जैसे कि: 27 अगस्त 1989.
कैलेंडर से संबधित कुछ महत्वपूर्ण सूत्र (Formulas and Tricks)
अतिरिक्त दिन/ विषम दिन (Odd Days) निकालने की विधि:
विषम दिनों से अभिप्राय उन दिनों से है जो अपना सप्ताह पूरा नहीं कर पाते हैं अर्थात् जब कुल दिनों की संख्या को 7 से विभाजित किया जाता है तो जो दिन शेष बचते हैं; विषम दिन कहलाते हैं।
- विषम दिन/अतिरिक्त दिन = कुल दिन / 7 = शेष बचे हुए दिन, अतिरिक्त दिन होते हैं।
- एक निश्चित तारीख पर, सप्ताह के दिनों को ज्ञात करने के लिए, जब कोई वरीयता वाले दिन न दिये गये हो, विषम दिनों की संख्या:
- रविवार – 0
- सोमवार – 1
- मंगलवार – 2
- बुधवार – 3
- गुरुवार – 4
- शुक्रवार – 5
- शनिवार – 6
- वर्ष में 12 महीने होते हैं और प्रत्येक महीने में अतिरिक्त दिनों की संख्या निम्नानुसार है:
- जनवरी – 31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- फरवरी – (28/7) या (29/7) = 0/1 अतिरिक्त दिन
- मार्च – 31/7 =3 अतिरिक्त दिन
- अप्रैल – 30/7 = 2 अतिरिक्त दिन
- मई – 31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- जून 30/7 = 2 अतिरिक्त दिन
- जुलाई – 31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- अगस्त -31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- सितम्बर – 30/7 = 2 अतिरिक्त दिन
- अक्टूबर – 31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- नवम्बर – 30/7 = 2 अतिरिक्त दिन
- दिसम्बर – 31/7 = 3 अतिरिक्त दिन
- महीने चार प्रकार के होते हैं, जिनमें अतिरिक्त दिन:
- 28 दिन का महिना = 0 अतिरिक्त दिन
- 29 दिन = 1 अतिरिक्त दिन
- 30 दिन = 2 अतिरिक्त दिन
- 31 दिन = 3 अतिरिक्त दिन
- वर्षो में अतिरिक्त दिन = (वर्ष + वर्ष में लीप वर्षो की संख्या) / 7
- किसी भी सामान्य वर्ष में कुल 365 दिन होते हैं अर्थात् 52 सप्ताह + 1 अतिरिक्त दिन।
- किसी भी लीप वर्ष में कुल 366 दिन होते हैं अर्थात् 52 सप्ताह + 2 अतिरिक्त दिन।
कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण
Example 1. 67 दिन, 41 दिन और 77 दिन में से अतिरिक्त दिनों की संख्या ज्ञात करें?
Ans. अतिरिक्त दिनों की संख्या ⇒
- 67/7 = 4
- 41/7 = 6
- 77/7 = 0
Example 2. 10 वर्षों में विषम/ अतिरिक्त दिनों की संख्या ज्ञात करें?
Ans. 10 वर्षो में लीप वर्षो की संख्या = 10/4 = 2
⇒ अतिरिक्त दिनों की संख्या = (वर्ष + लीप वर्ष की संख्या) / 7
⇒ (10 + 2)/7 = 5 अतिरिक्त दिन
Example 3. 100 वर्षो में कितने विषम दिन होते हैं?
Ans. 99 वर्ष + 100वां वर्ष
⇒ 99 वर्ष में अतिरिक्त दिनों की संख्या = (वर्ष + लीप वर्षो की संख्या) / 7 = (99 + 24)/7 = 4
⇒ 100 वे वर्ष में अतिरिक्त दिनों की संख्या = 1
इसलिए 100 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = 4 + 1 = 5 विषम दिन
{इसे Property #1 के रूप में याद रखें}
Example 4. 200 वर्षो में कितने विषम दिन होते हैं?
Ans. 2 x (100 वर्षो में विषम दिन)
⇒ 2(5) = 10
200 वर्षो में विषम दिन ⇒ 10/7 = 3 विषम दिन
{इसे Property #2 के रूप में याद रखें}
Example 5. 300 वर्षो में कितने विषम दिन होते हैं?
Ans. 200 वर्ष + 99 वर्ष + 300वां वर्ष
⇒ (3 + 4 + 1)/7 {क्योंकि उपरोक्त हल से 99 वर्ष में 4 अतिरक्त दिन और 300 वर्षों में 1 अतिरिक्त दिन होता है}
⇒ 8/7 = 1 विषम दिन
{इसे Property #3 के रूप में याद रखें}
Example 6. 400 वर्षो में कितने विषम दिन होते हैं?
Ans. 300 वर्ष + 99 वर्ष + 400वां वर्ष
⇒ (1 + 4 + 2)/7 {लीप वर्ष में 2 अतिरिक्त दिन होते है}
⇒ 0 विषम दिन
{इसे Property #4 के रूप में याद रखें}
नोट: 400 के गुणक वर्ष यानि 800,1200,1600,2000….. सभी में भी विषम दिनों की संख्या 0 होगी।
कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण
दिनों की पुनरावृति सम्बधि महत्वपूर्ण तथ्य:
- एक दिन की पुनरावृत्ति प्रत्येक 7, 14, 21, 28,………………, 364 दिनों के बाद होती है।
- किसी तारीख में 7, 14, 21 और 28 दिन जोड़ने या घटाने से वही प्राप्त होता है।
- किसी शताब्दी का प्रथम दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार या शनिवार हो सकता है और शताब्दी का अंतिम दिन मंगलवार, गुरुवार या शनिवार नहीं हो सकता, लेकिन बुधवार, शुक्रवार तथा रविवार हो सकता है।
- साधरण वर्ष का पहला और अंतिम दिन समान होता हैं। उदहारण: यदि 1 जनवरी 2007 को मंगलवार था, तो 31 दिसम्बर 2007 को भी मंगलवार ही होगा।
- किसी लीप वर्ष में वर्ष का अंतिम दिन, वर्ष के पहले दिन को तुलना में 1 दिन बढ जाता है। उदहारण: यदि 1 जनवरी 2004 को गुरुवार था, तो 31 दिसम्बर 2004 को शुक्रवार होगा।
- किसी साधारण वर्ष में निम्न माहों के प्रथम दिन समान होते हैं:-
- जनवरी – अक्टूबर
- फरवरी – मार्च – नवम्बर
- अप्रैल – जुलाई
- सितम्बर – दिसम्बर
- किसी भी लीप-वर्ष (अधिवर्ष) में निम्न माहों के प्रथम दिन समान होते हैं:-
- जनवरी – अप्रैल – जुलाई
- फरवरी – अगस्त
- मार्च – नवम्बर
- सितम्बर – दिसम्बर
- साधारण क्रमागत वर्षों में किसी निश्चित तिथि के दिन की तुलना में उसके ठीक अगले वर्ष में उस तिथि का दिन एक आगे बढ़ जाता है।
- किसी साधारण वर्ष के बाद यदि अगला वर्ष लीप-वर्ष (अधिवर्ष) हो, तो किसी निश्चित तिथि का दिन पिछले वर्ष की उसी तिथि के दिन की तुलना में 1 दिन (जनवरी से फरवरी तक) और 2 दिन (मार्च से दिसंबर तक) आगे बढ़ जाता है।
- साधारण वर्ष के फरवरी महीने (28 दिन) की किसी भी तारीख को आने वाला दिन उस महीने में सिर्फ चार बार आता है।
- किसी लीप वर्ष (अधिवर्ष) के फरवरी माह (29 दिन) में सिर्फ 1 तारीख को आने वाला दिन उस महीने में 5 बार और शेष सभी 4 बार रिपीट होते हैं।
- 30 दिन वाले किसी भी महीने में 1 और 2 तारीख को आने वाले दिन उस महीने में 5 बार और शेष सभी 4 बार रिपीट होते हैं।
- 31 दिन वाले किसी भी महीने में 1, 2, और 3 तारीख को आने वाले दिन उस महीने में 5 बार और शेष सभी 4 बार रिपीट होते हैं।
कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण
Q1. 1322 वर्षो में विषम दिनों की संख्या कितनी होगी?
Ans. = 1200वर्ष + 100वर्ष + 22वर्ष
- 1200 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = 0 {400 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = 0}
- 100 वर्ष में विषम दिनों की संख्या = 5 {using property #1}
- 22 वर्ष में विषम दिनों की संख्या ⇒ (वर्ष + लीप वर्षो की संख्या)/7 ⇒ (22 + 5)/7 = 6 विषम दिन
∴ 1322 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = 0 + 5 + 6 = 11
⇒ 11/7 {क्योकि विषम दिनों की संख्या 6 से बड़ी नही हो सकती}
= 4 विषम दिन।
Q2. 14 जून 1993 को सप्ताह का कौन सा दिन पड़ेगा ?
Step #1
⇒ सर्वप्रथम 1992 वर्षो में विषम दिनों की संख्या निकालेंगे
- 1600 वर्षो में विषम दिन ⇒ 4(0) = 0
- 300 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = 1 {∵ using property #3}
- 92 वर्षो में विषम दिनों की संख्या = (वर्ष + लीप वर्ष की संख्या) / 7
⇒ इसलिए 92 वर्षो में विषम दिनों की संख्या ⇒ (92 + 23)/7 = 3
⇒ वर्ष 1992 तक विषम दिनों की संख्या = 0 + 1 + 3 = 4 विषम दिन ……………… (i)
Step #2
⇒ अब हम 31 मई 1993 तक विषम दिन देखेंगे कि कितने हैं:-
- जनवरी (31) में विषम दिन ⇒ 31/7 = 3
- फरवरी (28) में विषम दिन ⇒ 28/7 = 0
- मार्च (31) में विषम दिन ⇒ 31/7 = 3
- अप्रैल (30) में विषम दिन ⇒ 30/7 = 2
- मई (31) में विषम दिन ⇒ 31/7 = 3
अत: 31 मई तक विषम दिनों की संख्या ⇒3 + 0 + 3 + 2 + 3 = 11 विषम दिन …………(ii)
Step #3
⇒ अब हम 1 जून से 14 जून 1993 तक विषम दिन देखेंगे कि कितने हैं:–
⇒ विषम दिनों की संख्या ⇒14/7 = 0 ………………(iii)
परिणामस्वरूप 14 जून 1993 तक विषम दिनों की संख्या = 4 + 11 + 0 = 15 विषम दिन
15 विषम दिन नही हो सकते, इसलिए ⇒ 15/7 = 1 दिन अतिरिक्त
∴ 14 जून 1993 को सोमवार का दिन पड़ेगा।
Q3. यदि महीने का तीसरा दिन सोमवार है तो 29 वां दिन सप्ताह का कौन सा दिन होगा?
Sol: महीने का तीसरा दिन (3rd) = सोमवार ……Given
⇒ 3 + 7 = 10 वा दिन = सोमवार
⇒ 10 + 7 = 17 वा दिन = सोमवार
⇒ 17 + 7 = 24 वा दिन = सोमवार
⇒ 24 वा दिन + 5 दिन ⇒ सोमवार + 5 दिन
∴ महीने का 29 वा दिन शनिवार होगा।
Q4. एक साधारण वर्ष में 23 मार्च को मंगलवार था, तो इसी वर्ष 17 जुलाई को सप्ताह का कौन–सा दिन होगा?
Sol: 23 मार्च ⇒ मंगलवार ……… Given
- मार्च महीने में शेष दिन = 31 – 23 = 8
- अप्रैल महीने में दिन = 30
- मई महीने में दिन = 31
- जून महीने में दिन = 30
⇒ 23 मार्च से 17 जुलाई तक दिनों की संख्या = 8 + 30 + 31 + 30 + 17 = 116 दिन
⇒ 116 में विषम दिन = 116/7 = 4 विषम दिन
∴ 17 जुलाई को शनिवार होगा (मंगलवार से 4th दिन)
Q5. एक लीप वर्ष में 9 जून को बृहस्पतिवार था, तो 17 फरवरी को सप्ताह का कौन-सा दिन होगा?
Sol: 9 जून ⇒ बृहस्पतिवार ………..Given
- फरवरी में शेष दिन = 29 – 17 = 12 दिन
- मार्च में शेष दिन = 31
- अप्रैल में शेष दिन = 30
- मई में शेष दिन = 31
⇒ 17 फरवरी से 9 जून तक दिनों की संख्या = 12 + 31 + 30 + 31 + 9 = 113 दिन
⇒ अतिरिक्त दिनों की संख्या = 113/7 ⇒ 1 अतिरिक्त दिन
∴ 17 फरवरी को सप्ताह का बुधवार दिन होगा (बृहस्पतिवार से एक दिन पहले)
कैलेंडर को हल करने के नियम (Calendar Reasoning in Hindi) और उदाहरण
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